सम्पूर्णानंद
संस्कृत विश्वविद्यालय में जुलाई से शुरू होने वाले सत्र से ज्योतिष, कर्मकांड, वास्तुशास्त्र, संगीत और योग के पाठ्यक्रम शुरू होंगे। ज्योतिष, कर्मकांड, वास्तुशास्त्र
डिप्लोमा स्तर के और संगीत व योग के पाठ्यक्रम सर्टिफिकेट स्तर का होगा।
शुक्रवार को मीडिया से कुलपति
प्रो. राजराम शुक्ल ने बताया कि शास्त्रीय और आचार्य में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू
हो गई है। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आनलाइन प्रवेश फार्म जमा करने की तिथि
बढ़ाकर 19 जून कर दी गई है। नए कोर्स के विस्तृत
जानकारी जल्द दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि कई वर्षों
बाद विश्वविद्यालय का परीक्षा परिणाम समय से घोषित कर दिया गया है। कक्षाएं जुलाई
से आरंभ हो जाएंगी। इसका फायदा विश्वविद्यालय को मिलेगा। इस बार छात्र संख्या बढ़ने
के आसार हैं। भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को
केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास चल रहा है।
विश्वविद्यालय में मानव संसाधन
विकास केंद्र खोलने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय से बात चल रही है। देश के
किसी भी संस्कृत विश्वविद्यालय में मानव संसाधन विकास केंद्र (एकेडमिक स्टॉफ
कालेज) नहीं है। उन्हें उम्मीद है जल्द ही केंद्र शुरू करने की मंजूरी मिल जाएगी।
कुलपति ने बताया कि नैक का
मूल्यांकन कराना भी लक्ष्य है। इस सत्र में विश्वविद्यालय की ग्रेडिंग समाप्त हो
रही है। 12,
13 और 14 जुलाई अंतरराष्ट्रीय शास्त्रार्थ का आयोजन किया है। इसमें
शामिल होने के लिए भूटान, श्रीलंका, नेपाल और इटली के विद्वानों की स्वीकृति मिल गई है। कुलपति
ने बताया यूजीसी के नए नियमों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र की जाएगी।